Correct Answer:
Option A - ‘दयालु’ शब्द में ‘आलु’ प्रत्यय और ‘दया’ मूल शब्द है। शब्दों के बाद जो समूह लगाया जाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं, मूलत: प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं–
(i) कृत् प्रत्यय :– क्रिया या धातु के अंत में प्रयुक्त होने वाले प्रत्ययों को कृत् प्रत्यय कहते हैं और उनके मेल से बने शब्द को ‘कृदन्त’ कहते हैं।
जैसे– ‘होना’ शब्द में ‘हार’ प्रत्यय लगाने से ‘होनहार’ शब्द बना।
(ii) तद्धित प्रत्यय:- संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में लगने वाले प्रत्यय को ‘तद्धित’ कहा जाता है और उनके मेल से बने शब्द को ‘तद्धितान्त’ कहते हैं।
जैसे– ‘मानव’ शब्द में ‘ता’ प्रत्यय लगाने से ‘मानवता’ शब्द बना।
A. ‘दयालु’ शब्द में ‘आलु’ प्रत्यय और ‘दया’ मूल शब्द है। शब्दों के बाद जो समूह लगाया जाता है, उसे प्रत्यय कहते हैं, मूलत: प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं–
(i) कृत् प्रत्यय :– क्रिया या धातु के अंत में प्रयुक्त होने वाले प्रत्ययों को कृत् प्रत्यय कहते हैं और उनके मेल से बने शब्द को ‘कृदन्त’ कहते हैं।
जैसे– ‘होना’ शब्द में ‘हार’ प्रत्यय लगाने से ‘होनहार’ शब्द बना।
(ii) तद्धित प्रत्यय:- संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण के अंत में लगने वाले प्रत्यय को ‘तद्धित’ कहा जाता है और उनके मेल से बने शब्द को ‘तद्धितान्त’ कहते हैं।
जैसे– ‘मानव’ शब्द में ‘ता’ प्रत्यय लगाने से ‘मानवता’ शब्द बना।