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Q: .
  • A. केवल (B) और (C)
  • B. केवल (A) और (C)
  • C. केवल (C) और (D)
  • D. केवल (D) और (E)
Correct Answer: Option A - : • खरोष्ठी में वर्णों की संख्या केवल ३० है। • खरोष्ठी आर्य-भाषा की समस्त ध्वनियों को अंकित करने में समर्थ है। उपर्युक्त कथन खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं नहीं है। • खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं निम्नलिखित हैं- 1. खरोठी दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है। 2. खरोष्ठी में संयुक्ताक्षर लिखने की सुविधा नहीं है। 3. खरोष्ठी में स्वरों तथा मात्राओं में ह्स्व तथा दीर्घ का भेद नहीं हैं। 4. इसमें 37 वर्ण होते हैं। 5. खरोष्ठी लिपि का प्राचीनतम नमूना पश्चिमोत्तर भारत के शाहबाज गढ़ी (पंजाब का युसुफजई जिला) और मानेसरा (पंजाब का हजार जिला) में अशोक के अभिलेखों में प्राप्त हुआ है।
A. : • खरोष्ठी में वर्णों की संख्या केवल ३० है। • खरोष्ठी आर्य-भाषा की समस्त ध्वनियों को अंकित करने में समर्थ है। उपर्युक्त कथन खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं नहीं है। • खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं निम्नलिखित हैं- 1. खरोठी दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है। 2. खरोष्ठी में संयुक्ताक्षर लिखने की सुविधा नहीं है। 3. खरोष्ठी में स्वरों तथा मात्राओं में ह्स्व तथा दीर्घ का भेद नहीं हैं। 4. इसमें 37 वर्ण होते हैं। 5. खरोष्ठी लिपि का प्राचीनतम नमूना पश्चिमोत्तर भारत के शाहबाज गढ़ी (पंजाब का युसुफजई जिला) और मानेसरा (पंजाब का हजार जिला) में अशोक के अभिलेखों में प्राप्त हुआ है।

Explanations:

: • खरोष्ठी में वर्णों की संख्या केवल ३० है। • खरोष्ठी आर्य-भाषा की समस्त ध्वनियों को अंकित करने में समर्थ है। उपर्युक्त कथन खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं नहीं है। • खरोष्ठी लिपि की विशेषताएं निम्नलिखित हैं- 1. खरोठी दाएं से बाएं की ओर लिखी जाती है। 2. खरोष्ठी में संयुक्ताक्षर लिखने की सुविधा नहीं है। 3. खरोष्ठी में स्वरों तथा मात्राओं में ह्स्व तथा दीर्घ का भेद नहीं हैं। 4. इसमें 37 वर्ण होते हैं। 5. खरोष्ठी लिपि का प्राचीनतम नमूना पश्चिमोत्तर भारत के शाहबाज गढ़ी (पंजाब का युसुफजई जिला) और मानेसरा (पंजाब का हजार जिला) में अशोक के अभिलेखों में प्राप्त हुआ है।