Correct Answer:
Option B - आँख, कान, नाक आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार ‘बालकृष्ण भट्ट’ हैं।
• हिंदी में मनोविकार संबंधी निबंध का सूत्रपात बालकृष्ण भट्ट ने किया।
• बालकृष्ण भट्ट को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिंदी का स्टील कहा है। इनके प्रमुख निबंध हैं- चंद्रोदय, संसार महानाटकशाला, प्रेम के बाग का सैलानी, इंग्लिश पढ़े तो बाबू होय, आत्म निर्भरता, कल्पना, बाल-विवाह, कालचक्र का चक्कर, प्रतिभा, माधुर्य, आशा, आत्म गौरव, रुचि, भिक्षावृत्ति इत्यादि।
• कुबेरनाथ राय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध संग्रह हैं - प्रिया नीलकण्ठी, रस आखेटक, गंधमादन, विषाद योग, निषाद बाँसुरी, पर्ण मुकुट, महाकवि की तर्जनी, मराल, उत्तर कुरु, वाणी का क्षीर सागर, आगम की नाव इत्यादि।
• ग्रामीण चेतना से अनुप्राणित हिंदी के प्रमुख निबंधकार’ विवेकी राय’ के प्रमुख निबन्ध संग्रह- किसानों का देश, गाँवों की दुनिया, त्रिधारा, फिर बैतलवा डाल पर, आस्था और चिन्तन, गँवई गंध गुलाब, जीवन अज्ञात का गणित है, इत्यादि।
B. आँख, कान, नाक आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार ‘बालकृष्ण भट्ट’ हैं।
• हिंदी में मनोविकार संबंधी निबंध का सूत्रपात बालकृष्ण भट्ट ने किया।
• बालकृष्ण भट्ट को आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिंदी का स्टील कहा है। इनके प्रमुख निबंध हैं- चंद्रोदय, संसार महानाटकशाला, प्रेम के बाग का सैलानी, इंग्लिश पढ़े तो बाबू होय, आत्म निर्भरता, कल्पना, बाल-विवाह, कालचक्र का चक्कर, प्रतिभा, माधुर्य, आशा, आत्म गौरव, रुचि, भिक्षावृत्ति इत्यादि।
• कुबेरनाथ राय रसधर्मा ललित निबंधकार हैं। इनके प्रमुख निबंध संग्रह हैं - प्रिया नीलकण्ठी, रस आखेटक, गंधमादन, विषाद योग, निषाद बाँसुरी, पर्ण मुकुट, महाकवि की तर्जनी, मराल, उत्तर कुरु, वाणी का क्षीर सागर, आगम की नाव इत्यादि।
• ग्रामीण चेतना से अनुप्राणित हिंदी के प्रमुख निबंधकार’ विवेकी राय’ के प्रमुख निबन्ध संग्रह- किसानों का देश, गाँवों की दुनिया, त्रिधारा, फिर बैतलवा डाल पर, आस्था और चिन्तन, गँवई गंध गुलाब, जीवन अज्ञात का गणित है, इत्यादि।