Correct Answer:
Option D - प्लास्टिक खण्ड (Plastic sections)– ऐसे खण्ड, जो प्लास्टिक हिन्ज उत्पन्न कर सकते हैं, और प्लास्टिक तंत्र (Mechanism) के गठन द्वारा संरचना की विफलता के लिए आवश्यक रोटेशन क्षमता रखते हैं।
ऐसे खण्डों का प्रतिबल वितरण आयताकार होता है।
कॉम्पैक्ट खण्ड (Compact sections)– ऐसे खण्ड जो प्लास्टिक आघूर्ण प्रतिरोध विकसित कर सकते हैं, लेकिन कॉम्पैक्ट खण्डों के रूप में वर्गीकृत व्याकुंचन से पहले प्लास्टिक तंत्र (Mechanism) के गठन के लिए अपर्याप्त प्लास्टिक हिन्ज रोटेशन क्षमता रखते हैं।
सेमी कॉम्पैक्ट खण्ड (Semi-compact sections)– ऐसे खण्ड, जिसमें संपीडन में चरम फाइबर पराभव प्रतिबल तक पहुँच सकते हैं। लेकिन स्थानीय व्याकुंचन के कारण प्लास्टिक आघूर्ण प्रतिरोध को विकसित नहीं कर सकते हैं, सेमी कॉम्पैक्ट खण्ड कहलाते हैं।
इन खण्डों का उपयोग प्रत्यास्थ अभिकल्पन में किया जाता है।
स्लेण्डर खण्ड (Slender sections)– ऐसे खण्ड जिसमें पराभव प्रतिबल के प्राप्ति से पहले ही खण्ड स्थानीय रूप से व्याकुंचित हो जाये। स्लेण्डर खण्ड कहलाते है।
D. प्लास्टिक खण्ड (Plastic sections)– ऐसे खण्ड, जो प्लास्टिक हिन्ज उत्पन्न कर सकते हैं, और प्लास्टिक तंत्र (Mechanism) के गठन द्वारा संरचना की विफलता के लिए आवश्यक रोटेशन क्षमता रखते हैं।
ऐसे खण्डों का प्रतिबल वितरण आयताकार होता है।
कॉम्पैक्ट खण्ड (Compact sections)– ऐसे खण्ड जो प्लास्टिक आघूर्ण प्रतिरोध विकसित कर सकते हैं, लेकिन कॉम्पैक्ट खण्डों के रूप में वर्गीकृत व्याकुंचन से पहले प्लास्टिक तंत्र (Mechanism) के गठन के लिए अपर्याप्त प्लास्टिक हिन्ज रोटेशन क्षमता रखते हैं।
सेमी कॉम्पैक्ट खण्ड (Semi-compact sections)– ऐसे खण्ड, जिसमें संपीडन में चरम फाइबर पराभव प्रतिबल तक पहुँच सकते हैं। लेकिन स्थानीय व्याकुंचन के कारण प्लास्टिक आघूर्ण प्रतिरोध को विकसित नहीं कर सकते हैं, सेमी कॉम्पैक्ट खण्ड कहलाते हैं।
इन खण्डों का उपयोग प्रत्यास्थ अभिकल्पन में किया जाता है।
स्लेण्डर खण्ड (Slender sections)– ऐसे खण्ड जिसमें पराभव प्रतिबल के प्राप्ति से पहले ही खण्ड स्थानीय रूप से व्याकुंचित हो जाये। स्लेण्डर खण्ड कहलाते है।