Correct Answer:
Option D - मुरलीधरण में बहुव्रीहि समास है जिसका समास-विग्रह मुरली को पकड़े हुए होता है।
बहुव्रीहि समास : जिस समस्त-पद में कोई पद प्रधान नहीं होता, दोनों पद मिल कर किसी तीसरे पद की ओर संकेत करते हैं, उसमें बहुव्रीहि समास होता है, जैसे-नीलकंठ , मृत्युंजय, विषधर, पीतांबर।
D. मुरलीधरण में बहुव्रीहि समास है जिसका समास-विग्रह मुरली को पकड़े हुए होता है।
बहुव्रीहि समास : जिस समस्त-पद में कोई पद प्रधान नहीं होता, दोनों पद मिल कर किसी तीसरे पद की ओर संकेत करते हैं, उसमें बहुव्रीहि समास होता है, जैसे-नीलकंठ , मृत्युंजय, विषधर, पीतांबर।