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Q: प्राचीन भारतीय लेखों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सी दो नदियों के बीच की भूमि ‘ब्रह्मवर्त’ कहलाती है?
  • A. सरस्वती नदी और दृश्द्वती नदी
  • B. सरस्वती नदी और सहयू नदी
  • C. सुतुद्री नदी और विपासा नदी
  • D. गंगा नदी और यमुना नदी
Correct Answer: Option A - मनुस्मृति मेें दृश्द्वती और सरस्वती के मध्य का क्षेत्र ‘ब्रह्मावर्त’ कहा गया है। दृश्द्वती की पहचान राजस्थान की हकरा नदी से की जाती है। दृश्द्वती सरस्वती नदी की सहायक नदी मानी जाती हैं जो राजस्थान में बहती थी। सरस्वती नदी ऋग्वेद की सबसे पवित्र नदी है। इसे नदियों में श्रेष्ठ अर्थात ‘नदीतमा’ कहा गया। गंगा व यमुना नदी के क्षेत्र ‘ब्रह्मर्षि देश’ कहा गया है।
A. मनुस्मृति मेें दृश्द्वती और सरस्वती के मध्य का क्षेत्र ‘ब्रह्मावर्त’ कहा गया है। दृश्द्वती की पहचान राजस्थान की हकरा नदी से की जाती है। दृश्द्वती सरस्वती नदी की सहायक नदी मानी जाती हैं जो राजस्थान में बहती थी। सरस्वती नदी ऋग्वेद की सबसे पवित्र नदी है। इसे नदियों में श्रेष्ठ अर्थात ‘नदीतमा’ कहा गया। गंगा व यमुना नदी के क्षेत्र ‘ब्रह्मर्षि देश’ कहा गया है।

Explanations:

मनुस्मृति मेें दृश्द्वती और सरस्वती के मध्य का क्षेत्र ‘ब्रह्मावर्त’ कहा गया है। दृश्द्वती की पहचान राजस्थान की हकरा नदी से की जाती है। दृश्द्वती सरस्वती नदी की सहायक नदी मानी जाती हैं जो राजस्थान में बहती थी। सरस्वती नदी ऋग्वेद की सबसे पवित्र नदी है। इसे नदियों में श्रेष्ठ अर्थात ‘नदीतमा’ कहा गया। गंगा व यमुना नदी के क्षेत्र ‘ब्रह्मर्षि देश’ कहा गया है।