Correct Answer:
Option A - वर्ष 1923 में मोती लाल नेहरू और सी.आर. दास ने इलाहाबाद में कांंग्रेस खिलाफत स्वराज पार्टी’ का गठन किया, जिसे सामान्यत: स्वराज पार्टी कहा जाता है। इसके अध्यक्ष सी.आर. दास तथा सचिव मोती लाल नेहरू बने। इसका प्रमुख उद्देश्य कांग्रेस के विधानसभाओं में पहुंचकर उनका नाश करना था क्योंकि वर्ष 1922 के कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की अनुमति परिवर्तन विरोधियों को नहींं दी थी। सितम्बर 1923 ई. में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में (अध्यक्ष अबुल कलाम आजाद) स्वराजियों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिल गयी।
A. वर्ष 1923 में मोती लाल नेहरू और सी.आर. दास ने इलाहाबाद में कांंग्रेस खिलाफत स्वराज पार्टी’ का गठन किया, जिसे सामान्यत: स्वराज पार्टी कहा जाता है। इसके अध्यक्ष सी.आर. दास तथा सचिव मोती लाल नेहरू बने। इसका प्रमुख उद्देश्य कांग्रेस के विधानसभाओं में पहुंचकर उनका नाश करना था क्योंकि वर्ष 1922 के कांग्रेस अधिवेशन में कांग्रेस ने चुनाव लड़ने की अनुमति परिवर्तन विरोधियों को नहींं दी थी। सितम्बर 1923 ई. में दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में (अध्यक्ष अबुल कलाम आजाद) स्वराजियों को चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिल गयी।