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  • A. D, C, E, B, A
  • B. C, B, E, A, D
  • C. D, B, E, A, C
  • D. A, B, C, D, E
Correct Answer: Option C - निम्नलिखित कविता-अंश का सही व्यवस्थित क्रम इस प्रकार हैं- ⦁ अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे उठाने ही होंगे ⦁ तोड़ने होंगे ही मठ और गढ़ सब ⦁ पहुँचना होगा दुर्गम पहाड़ों के उस पार ⦁ तब कहीं देखने मिलेंगी बाँहे ⦁ जिनमें कि प्रतिपल कांपता रहता अरुण कमल एक उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा रचित ‘अँधेरे में’ नामक लम्बी कविता से उद्धृत है। ‘अँधेरे में’ कविता का प्रथम प्रकाशन ‘कल्पना’ में 1964 में ‘आशंका के द्वीप अंधेरे में’ नाम से हुआ। चाँद का मुँह टेढ़ा है (1964), भूरि-भूरि खाक-धूल (1980), ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन, भूल-गलती मुक्तिबोध द्वारा रचि अन्य महत्वपूर्ण काव्यकृतियाँ हैं।
C. निम्नलिखित कविता-अंश का सही व्यवस्थित क्रम इस प्रकार हैं- ⦁ अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे उठाने ही होंगे ⦁ तोड़ने होंगे ही मठ और गढ़ सब ⦁ पहुँचना होगा दुर्गम पहाड़ों के उस पार ⦁ तब कहीं देखने मिलेंगी बाँहे ⦁ जिनमें कि प्रतिपल कांपता रहता अरुण कमल एक उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा रचित ‘अँधेरे में’ नामक लम्बी कविता से उद्धृत है। ‘अँधेरे में’ कविता का प्रथम प्रकाशन ‘कल्पना’ में 1964 में ‘आशंका के द्वीप अंधेरे में’ नाम से हुआ। चाँद का मुँह टेढ़ा है (1964), भूरि-भूरि खाक-धूल (1980), ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन, भूल-गलती मुक्तिबोध द्वारा रचि अन्य महत्वपूर्ण काव्यकृतियाँ हैं।

Explanations:

निम्नलिखित कविता-अंश का सही व्यवस्थित क्रम इस प्रकार हैं- ⦁ अब अभिव्यक्ति के सारे खतरे उठाने ही होंगे ⦁ तोड़ने होंगे ही मठ और गढ़ सब ⦁ पहुँचना होगा दुर्गम पहाड़ों के उस पार ⦁ तब कहीं देखने मिलेंगी बाँहे ⦁ जिनमें कि प्रतिपल कांपता रहता अरुण कमल एक उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ गजानन माधव मुक्तिबोध द्वारा रचित ‘अँधेरे में’ नामक लम्बी कविता से उद्धृत है। ‘अँधेरे में’ कविता का प्रथम प्रकाशन ‘कल्पना’ में 1964 में ‘आशंका के द्वीप अंधेरे में’ नाम से हुआ। चाँद का मुँह टेढ़ा है (1964), भूरि-भूरि खाक-धूल (1980), ब्रह्मराक्षस, अंत:करण का आयतन, भूल-गलती मुक्तिबोध द्वारा रचि अन्य महत्वपूर्ण काव्यकृतियाँ हैं।