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  • A. दारिद्रय
  • B. दुर्भिक्ष
  • C. व्यापार
  • D. कृषि और कृषक
Correct Answer: Option D - ‘‘तुम सभ्य हो मार्केट जिनका सात सागर पार है, पर ग्राम की वह हाट ही उनका बड़ा बाजार है।’’ उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ भारत-भारती के ‘कृषि और कृषक’ भाग से है। भारत भारती मैथिलीशरण गुप्त की रचना है। ⦁ मैथिलीशरण गुप्त को ‘भारत-भारती’ की रचना की मूल प्रेरणा ‘मुसद्दे हाली’ तथा ब्रजमोहन दत्तात्रेय कृत ‘भारत दर्पण’ पुस्तक से प्राप्त हुई। मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ → रंग में भंग (1909 ई.), जयद्रथ वध (1910 ई.), किसान (1917 ई.), गुरुकुल (1929 ई.), साकेत (1931 ई.), झंकार (1929 ई.), पंचवटी (1925 ई.) इत्यादि।
D. ‘‘तुम सभ्य हो मार्केट जिनका सात सागर पार है, पर ग्राम की वह हाट ही उनका बड़ा बाजार है।’’ उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ भारत-भारती के ‘कृषि और कृषक’ भाग से है। भारत भारती मैथिलीशरण गुप्त की रचना है। ⦁ मैथिलीशरण गुप्त को ‘भारत-भारती’ की रचना की मूल प्रेरणा ‘मुसद्दे हाली’ तथा ब्रजमोहन दत्तात्रेय कृत ‘भारत दर्पण’ पुस्तक से प्राप्त हुई। मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ → रंग में भंग (1909 ई.), जयद्रथ वध (1910 ई.), किसान (1917 ई.), गुरुकुल (1929 ई.), साकेत (1931 ई.), झंकार (1929 ई.), पंचवटी (1925 ई.) इत्यादि।

Explanations:

‘‘तुम सभ्य हो मार्केट जिनका सात सागर पार है, पर ग्राम की वह हाट ही उनका बड़ा बाजार है।’’ उपर्युक्त काव्य पंक्तियाँ भारत-भारती के ‘कृषि और कृषक’ भाग से है। भारत भारती मैथिलीशरण गुप्त की रचना है। ⦁ मैथिलीशरण गुप्त को ‘भारत-भारती’ की रचना की मूल प्रेरणा ‘मुसद्दे हाली’ तथा ब्रजमोहन दत्तात्रेय कृत ‘भारत दर्पण’ पुस्तक से प्राप्त हुई। मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ → रंग में भंग (1909 ई.), जयद्रथ वध (1910 ई.), किसान (1917 ई.), गुरुकुल (1929 ई.), साकेत (1931 ई.), झंकार (1929 ई.), पंचवटी (1925 ई.) इत्यादि।