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Q: .
  • A. एक: + एक
  • B. ऋ + न
  • C. जगत् + ईश
  • D. तप: + वन
Correct Answer: Option A - ‘एक: + एक’ संधि विच्छेद अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप ‘एक + एक’ होगा एक + एक = एकैक → वृद्धि संधि ऋ + न = ऋण → व्यंजन संधि जगत् + ईश = जगदीश → व्यंजन संधि तप:+वन = तपोवन → विसर्ग संधि
A. ‘एक: + एक’ संधि विच्छेद अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप ‘एक + एक’ होगा एक + एक = एकैक → वृद्धि संधि ऋ + न = ऋण → व्यंजन संधि जगत् + ईश = जगदीश → व्यंजन संधि तप:+वन = तपोवन → विसर्ग संधि

Explanations:

‘एक: + एक’ संधि विच्छेद अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप ‘एक + एक’ होगा एक + एक = एकैक → वृद्धि संधि ऋ + न = ऋण → व्यंजन संधि जगत् + ईश = जगदीश → व्यंजन संधि तप:+वन = तपोवन → विसर्ग संधि