Correct Answer:
Option B - ‘निर्जल’ में विसर्ग संधि है।
निर्जल → नि: + जल
विसर्ग संधि → विसर्ग (:) का स्वर व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन उत्पन्न होता है उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं।
उदाहरण - नि:+ चय → निश्चय
दु:+चरित्र →दुश्चरित्र
ज्योति:+ चक्र →ज्योतिश्चक्र
नि:+ छल→निश्छल
B. ‘निर्जल’ में विसर्ग संधि है।
निर्जल → नि: + जल
विसर्ग संधि → विसर्ग (:) का स्वर व्यंजन के साथ मेल होने पर जो परिवर्तन उत्पन्न होता है उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं।
उदाहरण - नि:+ चय → निश्चय
दु:+चरित्र →दुश्चरित्र
ज्योति:+ चक्र →ज्योतिश्चक्र
नि:+ छल→निश्छल