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Q: .
  • A. केवल (D), (E)
  • B. केवल (C), (D)
  • C. केवल (A), (B), (C)
  • D. केवल (B), (D), (E)
Correct Answer: Option C - (A) ‘‘दयानारायण निगम ने अध्यापक पूर्ण सिंह के ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ की आलोचना ‘जमाना’ में की- रामचन्द्र शुक्ल’’ (B) ‘‘बालमुकुन्द गुप्त ने बैसवाड़ी के मूल वासी ‘सरस्वती’ संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग्य किया था- राम विलास शर्मा’’ (C) ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था, और वो था ‘बालमुकुन्द गुप्त’- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी’’ सत्य कथन नही है। ⇒ ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ और चिट्ठे और खत’ बालमुकुन्द गुप्त के प्रसिद्ध निबन्ध है। सन् 1904-1905 ई. बालमुकुन्द गुप्त ने ‘भारतमित्र’ में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन को संबोधित करते हुए लिखे। ⇒ बालमुकुन्द गुप्त ने आत्माराम नाम से महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबन्ध ‘भाषा और व्याकरण’ में प्रयुक्त ‘अनस्थिरता’ शब्द की आलोचना की इसके जवाब में द्विवेदी जी ने ‘सरगौ नरक ठेकाना नाहि’ शीर्षक निबन्ध कल्लू अल्हैत नाम से लिखा। ⇒ महावीर प्रसाद द्विवेदी बालमुकुन्द के बारे में लिखते है कि- ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक ही व्यक्ति लिखता था- बालमुकुन्द गुप्त।
C. (A) ‘‘दयानारायण निगम ने अध्यापक पूर्ण सिंह के ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ की आलोचना ‘जमाना’ में की- रामचन्द्र शुक्ल’’ (B) ‘‘बालमुकुन्द गुप्त ने बैसवाड़ी के मूल वासी ‘सरस्वती’ संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग्य किया था- राम विलास शर्मा’’ (C) ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था, और वो था ‘बालमुकुन्द गुप्त’- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी’’ सत्य कथन नही है। ⇒ ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ और चिट्ठे और खत’ बालमुकुन्द गुप्त के प्रसिद्ध निबन्ध है। सन् 1904-1905 ई. बालमुकुन्द गुप्त ने ‘भारतमित्र’ में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन को संबोधित करते हुए लिखे। ⇒ बालमुकुन्द गुप्त ने आत्माराम नाम से महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबन्ध ‘भाषा और व्याकरण’ में प्रयुक्त ‘अनस्थिरता’ शब्द की आलोचना की इसके जवाब में द्विवेदी जी ने ‘सरगौ नरक ठेकाना नाहि’ शीर्षक निबन्ध कल्लू अल्हैत नाम से लिखा। ⇒ महावीर प्रसाद द्विवेदी बालमुकुन्द के बारे में लिखते है कि- ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक ही व्यक्ति लिखता था- बालमुकुन्द गुप्त।

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(A) ‘‘दयानारायण निगम ने अध्यापक पूर्ण सिंह के ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ की आलोचना ‘जमाना’ में की- रामचन्द्र शुक्ल’’ (B) ‘‘बालमुकुन्द गुप्त ने बैसवाड़ी के मूल वासी ‘सरस्वती’ संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग्य किया था- राम विलास शर्मा’’ (C) ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था, और वो था ‘बालमुकुन्द गुप्त’- आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी’’ सत्य कथन नही है। ⇒ ‘शिवशम्भू के चिट्ठे’ और चिट्ठे और खत’ बालमुकुन्द गुप्त के प्रसिद्ध निबन्ध है। सन् 1904-1905 ई. बालमुकुन्द गुप्त ने ‘भारतमित्र’ में तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन को संबोधित करते हुए लिखे। ⇒ बालमुकुन्द गुप्त ने आत्माराम नाम से महावीर प्रसाद द्विवेदी के निबन्ध ‘भाषा और व्याकरण’ में प्रयुक्त ‘अनस्थिरता’ शब्द की आलोचना की इसके जवाब में द्विवेदी जी ने ‘सरगौ नरक ठेकाना नाहि’ शीर्षक निबन्ध कल्लू अल्हैत नाम से लिखा। ⇒ महावीर प्रसाद द्विवेदी बालमुकुन्द के बारे में लिखते है कि- ‘‘अच्छी हिन्दी बस एक ही व्यक्ति लिखता था- बालमुकुन्द गुप्त।