Correct Answer:
Option D - मुहम्मद बिन तुगलक एक अग्रगामी सोच वाला शासक था जिसने सल्तनत काल के विकास के लिए जहाँ एक तरफ कई नये प्रयोग किये, वहीं प्रचलित पद्धतियों में भी आमूल-चूल सुधार किये। उसने एक पृथक कृषि विभाग दीवान-ए-कोही की स्थापना की तथा किसानों की सहायता के लिए अत्यंत कम ब्याज पर तकावी ऋण सोनधर भी उपलब्ध कराया साथ ही कृषि के विस्तार के लिए फसल चक्र की योजना प्रारंभ की।
इसकी स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य राज्य की सहायता से कृषि योग्य भूमि का विकास एवं विस्तार करना था। दीवान-ए-अमीर कोही विभाग की स्थापना मुहम्मद बिन तुगलक ने की थी। दीवान-ए-अमीर कोही यह प्रमुख पदाधिकारी था जो दीवान-ए-कोही विभाग की देखभाल करता था।
D. मुहम्मद बिन तुगलक एक अग्रगामी सोच वाला शासक था जिसने सल्तनत काल के विकास के लिए जहाँ एक तरफ कई नये प्रयोग किये, वहीं प्रचलित पद्धतियों में भी आमूल-चूल सुधार किये। उसने एक पृथक कृषि विभाग दीवान-ए-कोही की स्थापना की तथा किसानों की सहायता के लिए अत्यंत कम ब्याज पर तकावी ऋण सोनधर भी उपलब्ध कराया साथ ही कृषि के विस्तार के लिए फसल चक्र की योजना प्रारंभ की।
इसकी स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य राज्य की सहायता से कृषि योग्य भूमि का विकास एवं विस्तार करना था। दीवान-ए-अमीर कोही विभाग की स्थापना मुहम्मद बिन तुगलक ने की थी। दीवान-ए-अमीर कोही यह प्रमुख पदाधिकारी था जो दीवान-ए-कोही विभाग की देखभाल करता था।