Correct Answer:
Option C - बिहार में ‘तीनकठिया’ एक कृषि पद्धति है। तीनकठिया खेती अंग्रेज मालिकों द्वारा बिहार के चम्पारण जिले के रैयतों (किसानों) पर नील की खेती के लिए जबरन लागू किये गये तीन तरीकों में एक था। खेती का अन्य दो तरीका ‘कुरतौली’ और ‘कुश्की’ कहलाता था। तीनकठिया कृषि पद्धति में खेत के 3/20वें भाग पर नील की खेती करना अनिवार्य बनाया गया था। वर्ष 1917 में गांधी जी द्वारा चम्पारण सत्याग्रह के माध्यम से तीनकठिया पद्धति का विरोध किया गया।
C. बिहार में ‘तीनकठिया’ एक कृषि पद्धति है। तीनकठिया खेती अंग्रेज मालिकों द्वारा बिहार के चम्पारण जिले के रैयतों (किसानों) पर नील की खेती के लिए जबरन लागू किये गये तीन तरीकों में एक था। खेती का अन्य दो तरीका ‘कुरतौली’ और ‘कुश्की’ कहलाता था। तीनकठिया कृषि पद्धति में खेत के 3/20वें भाग पर नील की खेती करना अनिवार्य बनाया गया था। वर्ष 1917 में गांधी जी द्वारा चम्पारण सत्याग्रह के माध्यम से तीनकठिया पद्धति का विरोध किया गया।