Correct Answer:
Option D - जीन पियाजे के अनुसार, अमूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में भाषा योग्यता एवं संप्रेषणशीलता का सर्वाधिक विकास होता है। यह अवस्था 11 वर्ष से 15 वर्ष तक की उम्र के बीच होती है। इस अवस्था में बच्चे तार्किक रूप से सोचने अमूर्त अवधारणाओं को समझने और जटिल विचारों को व्यक्त करने में सक्षम होते हैं। वे भाषा का उपयोग विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए करते हैं।
D. जीन पियाजे के अनुसार, अमूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में भाषा योग्यता एवं संप्रेषणशीलता का सर्वाधिक विकास होता है। यह अवस्था 11 वर्ष से 15 वर्ष तक की उम्र के बीच होती है। इस अवस्था में बच्चे तार्किक रूप से सोचने अमूर्त अवधारणाओं को समझने और जटिल विचारों को व्यक्त करने में सक्षम होते हैं। वे भाषा का उपयोग विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए करते हैं।