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Q: हूणों का आक्रमण वर्णित है
  • A. भीतरी अभिलेख में
  • B. जूनागढ़ अभिलेख में
  • C. प्रयाग प्रशस्ति में
  • D. मथुरा अभिलेख में
Correct Answer: Option A - कुमारगुप्त प्रथम की मृत्यु के बाद स्कन्दगुप्त शासक बना। उसके शासन की बागडोर संभालते ही हूणों का आक्रमण शुरू हो गया। गुप्तों के पतन के कारणों में हूणों का आक्रमण एक विशिष्ट कारण रहा है। हूणों के आक्रमण का उल्लेख भीतरी अभिलेख में है। तोरमाण हूणों का प्रथम शासक था तथा धन्यविष्णु के एरण (मालवा) अभिलेख में भी तोरमाण का जिक्र आता है।
A. कुमारगुप्त प्रथम की मृत्यु के बाद स्कन्दगुप्त शासक बना। उसके शासन की बागडोर संभालते ही हूणों का आक्रमण शुरू हो गया। गुप्तों के पतन के कारणों में हूणों का आक्रमण एक विशिष्ट कारण रहा है। हूणों के आक्रमण का उल्लेख भीतरी अभिलेख में है। तोरमाण हूणों का प्रथम शासक था तथा धन्यविष्णु के एरण (मालवा) अभिलेख में भी तोरमाण का जिक्र आता है।

Explanations:

कुमारगुप्त प्रथम की मृत्यु के बाद स्कन्दगुप्त शासक बना। उसके शासन की बागडोर संभालते ही हूणों का आक्रमण शुरू हो गया। गुप्तों के पतन के कारणों में हूणों का आक्रमण एक विशिष्ट कारण रहा है। हूणों के आक्रमण का उल्लेख भीतरी अभिलेख में है। तोरमाण हूणों का प्रथम शासक था तथा धन्यविष्णु के एरण (मालवा) अभिलेख में भी तोरमाण का जिक्र आता है।