Correct Answer:
Option B - गर्म तथा शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्रों में पानी के कमी के कारण यहाँ के पादप कंटीली तथा झाड़ीयुक्त होते हैं। वास्तव में मरुस्थलीय पौधों की पत्तियां नुकीली हो जाती है जिससे वाष्पोतसर्जन की दर घट जाती है एवं पौधा लम्बे समय तक अपनी नमी बरकरार रख पाता है।
B. गर्म तथा शुष्क मरुस्थलीय क्षेत्रों में पानी के कमी के कारण यहाँ के पादप कंटीली तथा झाड़ीयुक्त होते हैं। वास्तव में मरुस्थलीय पौधों की पत्तियां नुकीली हो जाती है जिससे वाष्पोतसर्जन की दर घट जाती है एवं पौधा लम्बे समय तक अपनी नमी बरकरार रख पाता है।