Correct Answer:
Option C - ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ में आई पंक्तियों का सही अनुक्रम इस प्रकार है –
1. लागति अवध भयावह भारी
2. मानहुँ कालराति अँधियारी
3. घोर जंतु सम पुर नरनारी
4. डरपिंह एकहि एक निहारी
5. घर मसान परिजन जनु भूता
• ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ नाटक विद्यानिवास मिश्र द्वारा रचित है। इसका प्रकाशन वर्ष 1974 ई. है। यह ललित निबंध है।
इनके प्रमुख निबन्ध – छितवन की छाह (1953 ई.), हल्दी दूब (1955 ई.), कदंब की फूली डाल (1956 ई.), तुम चंदन हम पानी (1957 ई.), मैंने सिल पहुँचाई (1966 ई.), भ्रमरानंद के पत्र (1981 ई.), शिरीष की याद आई (1995 ई.), साहित्य के सरोकार (2007 ई.) आदि।
C. ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ में आई पंक्तियों का सही अनुक्रम इस प्रकार है –
1. लागति अवध भयावह भारी
2. मानहुँ कालराति अँधियारी
3. घोर जंतु सम पुर नरनारी
4. डरपिंह एकहि एक निहारी
5. घर मसान परिजन जनु भूता
• ‘मेरे राम का मुकुट भीग रहा है’ नाटक विद्यानिवास मिश्र द्वारा रचित है। इसका प्रकाशन वर्ष 1974 ई. है। यह ललित निबंध है।
इनके प्रमुख निबन्ध – छितवन की छाह (1953 ई.), हल्दी दूब (1955 ई.), कदंब की फूली डाल (1956 ई.), तुम चंदन हम पानी (1957 ई.), मैंने सिल पहुँचाई (1966 ई.), भ्रमरानंद के पत्र (1981 ई.), शिरीष की याद आई (1995 ई.), साहित्य के सरोकार (2007 ई.) आदि।