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Q: .
  • A. ऐसे व्यवहारों में जुड़ी हुई जोखिम की मात्रा का न्यूनानुमान करते हैं।
  • B. केवल आमोद-प्रमोद की परवाह करते हैं।
  • C. अपनी किसी भी गतिविधियों के बारे में तार्किक रूप से सोच नहीं पाते।
  • D. वयस्कों के समान परिणामों के प्रति निरापद व जोखिम का न्यूनानुमान करने की प्रवृत्त होते हैं।
Correct Answer: Option C - किशोर जोखिमपूर्ण व्यवहारों में भाग ले सकते हैं क्योंकि वे अपनी किसी भी गतिविधियों के बारे में तार्किक रूप से सोच नहीं पाते हैं यह भी पूरी तरह सच नहीं है। किशोरों में तर्क करने की क्षमता होती है, लेकिन वे अभी भी विकसित हो रहे होते हैं और उनके दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। उनके निर्णय अक्सर भावनाओं और आवेगों से प्रेरित होते हैं।
C. किशोर जोखिमपूर्ण व्यवहारों में भाग ले सकते हैं क्योंकि वे अपनी किसी भी गतिविधियों के बारे में तार्किक रूप से सोच नहीं पाते हैं यह भी पूरी तरह सच नहीं है। किशोरों में तर्क करने की क्षमता होती है, लेकिन वे अभी भी विकसित हो रहे होते हैं और उनके दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। उनके निर्णय अक्सर भावनाओं और आवेगों से प्रेरित होते हैं।

Explanations:

किशोर जोखिमपूर्ण व्यवहारों में भाग ले सकते हैं क्योंकि वे अपनी किसी भी गतिविधियों के बारे में तार्किक रूप से सोच नहीं पाते हैं यह भी पूरी तरह सच नहीं है। किशोरों में तर्क करने की क्षमता होती है, लेकिन वे अभी भी विकसित हो रहे होते हैं और उनके दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। उनके निर्णय अक्सर भावनाओं और आवेगों से प्रेरित होते हैं।