Correct Answer:
Option B - प्रसवपूर्व विकास को पांरपरिक रूप से जर्मिनल (रोगाणु) अवस्था, भ्रूणीय अवस्था एवं गर्भस्थ अवस्थाओं में विभाजित किया गया है। प्रसवपूर्व अवस्था में, शिशु माँ के गर्भ के अंदर विकसित होता है और इन्ही तीन अलग-अलग चरणों से गुजरकर एक परिपक्व भ्रूण बन जाता है।
B. प्रसवपूर्व विकास को पांरपरिक रूप से जर्मिनल (रोगाणु) अवस्था, भ्रूणीय अवस्था एवं गर्भस्थ अवस्थाओं में विभाजित किया गया है। प्रसवपूर्व अवस्था में, शिशु माँ के गर्भ के अंदर विकसित होता है और इन्ही तीन अलग-अलग चरणों से गुजरकर एक परिपक्व भ्रूण बन जाता है।