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Q: .
  • A. पितरूच्छा
  • B. पित्रीच्छा
  • C. पितृच्छा
  • D. पित्रिच्छा
Correct Answer: Option D - ‘पितृ + इच्छा’ के योग से ‘पित्रिच्छा’शब्द बनेगा। यहाँ यण् संधि है। इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद किसी भिन्न स्वर के आने पर यण संधि के नियम से इ, ई का ‘य्’ उ, ऊ का ‘व्’ और ऋ का ‘र्’ हो जाता है।
D. ‘पितृ + इच्छा’ के योग से ‘पित्रिच्छा’शब्द बनेगा। यहाँ यण् संधि है। इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद किसी भिन्न स्वर के आने पर यण संधि के नियम से इ, ई का ‘य्’ उ, ऊ का ‘व्’ और ऋ का ‘र्’ हो जाता है।

Explanations:

‘पितृ + इच्छा’ के योग से ‘पित्रिच्छा’शब्द बनेगा। यहाँ यण् संधि है। इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद किसी भिन्न स्वर के आने पर यण संधि के नियम से इ, ई का ‘य्’ उ, ऊ का ‘व्’ और ऋ का ‘र्’ हो जाता है।