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Q: .
  • A. उद् + स्थित – उत्थित (व्यंजन संधि)
  • B. पुनर् + प्रेरष – पुन: प्रेषण (विसर्ग संधि)
  • C. अति + ऊष्म – अत्यूष्म (यण् संधि)
  • D. तत् + रूप – तद्रूप (व्यंजन संधि)
Correct Answer: Option B - ‘पुन: प्रेषण’ का संधि-विच्छेद पुन: + प्रेषण है और इसमें विसर्ग संधि है। संधि के नियमानुसार यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो और परे क, ख, प, फ में से कोई वर्ण हो, तो विसर्ग ज्यों का त्यों रहता है। जैसे- प्रात: + काल = प्रात:काल
B. ‘पुन: प्रेषण’ का संधि-विच्छेद पुन: + प्रेषण है और इसमें विसर्ग संधि है। संधि के नियमानुसार यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो और परे क, ख, प, फ में से कोई वर्ण हो, तो विसर्ग ज्यों का त्यों रहता है। जैसे- प्रात: + काल = प्रात:काल

Explanations:

‘पुन: प्रेषण’ का संधि-विच्छेद पुन: + प्रेषण है और इसमें विसर्ग संधि है। संधि के नियमानुसार यदि विसर्ग के पहले ‘अ’ हो और परे क, ख, प, फ में से कोई वर्ण हो, तो विसर्ग ज्यों का त्यों रहता है। जैसे- प्रात: + काल = प्रात:काल