Explanations:
‘कल्पांत’ शब्द में दीर्घ संधि है। जब ह्रस्व या दीर्घ ‘अ’ ‘इ’ ‘उ’ के पश्चात क्रमश: ह्रस्व या दीर्घ ‘अ’ ‘इ’ ‘उ’ स्वर आए तो दोनों को मिलाकर दीर्घ ‘आ’ ‘ई’ ‘ऊ’ हो जाते हैं; जैसे- देव + आलय = देवालय कवि + इन्द्र = कवीन्द्र लघु + ऊर्मि = लघूर्मि कल्प + अंत = कल्पांत