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  • A. बिहार की आर्थिक विकास दर, भारत के सबसे कम राज्यों में है
  • B. बिहार के जिलों के बीच क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ती जा रही हैं
  • C. बिहार के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी घट रही है
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option E - वर्ष 2021-22 में बिहार और भारत के प्राथमिक क्षेत्रों की वृद्धि दरो के बीच अंतर सर्वाधिक था जब बिहार की वृद्धि दर 9.6 प्रतिशत थी और भारत की मात्र 4.1 प्रतिशत वही द्वितीयक क्षेत्र की बात करे तो हाल के वर्षों में यह संपूर्ण भारत की अपेक्षा कुछ धीमी दर से बढ़ता रहा है यह पैटर्न 2020-21 और 2021-22 दोनो वर्षो के लिए सच है वर्ष 2019-20 में वृद्धि दर का रुझान उल्टा था यदि तृतीयक क्षेत्र पर विचार किया जाय तो इस दोनो वर्षो में (2020-21 और 2021-22) में बिहार में वृद्धि दर अपेक्षाकृत ऊँची रही दिखी है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बिहार में प्राथमिक और तृतीयक क्षेत्रों की वृद्धि दरे संपूर्ण भारत की अपेक्षा ऊँची रही है जबकि द्वितीयक क्षेत्र की दरे नीची रही है। 2021-22 में बिहार के सकल मूल्य वर्धन में तृतीयक क्षेत्र का हिस्सा 52.98% रहा है। तृतीयक क्षेत्र में सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 7.9 10.9 4.4 3.2 11.0 10.6 भारत के राज्यों के बीच सकल राज्य घरेलू उत्पाद की सर्वाधिक 11.0% वृद्धि दरे (2021-22) राजस्थान और बिहार की थी।
E. वर्ष 2021-22 में बिहार और भारत के प्राथमिक क्षेत्रों की वृद्धि दरो के बीच अंतर सर्वाधिक था जब बिहार की वृद्धि दर 9.6 प्रतिशत थी और भारत की मात्र 4.1 प्रतिशत वही द्वितीयक क्षेत्र की बात करे तो हाल के वर्षों में यह संपूर्ण भारत की अपेक्षा कुछ धीमी दर से बढ़ता रहा है यह पैटर्न 2020-21 और 2021-22 दोनो वर्षो के लिए सच है वर्ष 2019-20 में वृद्धि दर का रुझान उल्टा था यदि तृतीयक क्षेत्र पर विचार किया जाय तो इस दोनो वर्षो में (2020-21 और 2021-22) में बिहार में वृद्धि दर अपेक्षाकृत ऊँची रही दिखी है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बिहार में प्राथमिक और तृतीयक क्षेत्रों की वृद्धि दरे संपूर्ण भारत की अपेक्षा ऊँची रही है जबकि द्वितीयक क्षेत्र की दरे नीची रही है। 2021-22 में बिहार के सकल मूल्य वर्धन में तृतीयक क्षेत्र का हिस्सा 52.98% रहा है। तृतीयक क्षेत्र में सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 7.9 10.9 4.4 3.2 11.0 10.6 भारत के राज्यों के बीच सकल राज्य घरेलू उत्पाद की सर्वाधिक 11.0% वृद्धि दरे (2021-22) राजस्थान और बिहार की थी।

Explanations:

वर्ष 2021-22 में बिहार और भारत के प्राथमिक क्षेत्रों की वृद्धि दरो के बीच अंतर सर्वाधिक था जब बिहार की वृद्धि दर 9.6 प्रतिशत थी और भारत की मात्र 4.1 प्रतिशत वही द्वितीयक क्षेत्र की बात करे तो हाल के वर्षों में यह संपूर्ण भारत की अपेक्षा कुछ धीमी दर से बढ़ता रहा है यह पैटर्न 2020-21 और 2021-22 दोनो वर्षो के लिए सच है वर्ष 2019-20 में वृद्धि दर का रुझान उल्टा था यदि तृतीयक क्षेत्र पर विचार किया जाय तो इस दोनो वर्षो में (2020-21 और 2021-22) में बिहार में वृद्धि दर अपेक्षाकृत ऊँची रही दिखी है। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि बिहार में प्राथमिक और तृतीयक क्षेत्रों की वृद्धि दरे संपूर्ण भारत की अपेक्षा ऊँची रही है जबकि द्वितीयक क्षेत्र की दरे नीची रही है। 2021-22 में बिहार के सकल मूल्य वर्धन में तृतीयक क्षेत्र का हिस्सा 52.98% रहा है। तृतीयक क्षेत्र में सकल राज्य घरेलू उत्पाद 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 7.9 10.9 4.4 3.2 11.0 10.6 भारत के राज्यों के बीच सकल राज्य घरेलू उत्पाद की सर्वाधिक 11.0% वृद्धि दरे (2021-22) राजस्थान और बिहार की थी।