Correct Answer:
Option A - डॉ. शम्भुनाथ के अनुसार भारतीय नवजागरण के विभिन्न रूपों से संबंधित कथन हैं-
● बांग्ला नवजागरण का केन्द्रीय सारतत्व बुद्धिवाद है।
● हिन्दी नवजागरण का केन्द्रीय सारतत्व राष्ट्रवाद है (1857 का स्वधीनता संग्राम)।
● डॉ. शम्भुनाथ के अनुसार भारतीय नवजागरण के अनेक दुर्भाग्यों में से एक यह भी है कि इसे सौ वर्ष से ज्यादा न मिल सका, जबकि पश्चिमी देशों को तीन से चार सौ वर्ष मिले। वहाँ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सुधारवाद, आदर्शवाद आदि को पनपने का पूरा अवसर मिला।
A. डॉ. शम्भुनाथ के अनुसार भारतीय नवजागरण के विभिन्न रूपों से संबंधित कथन हैं-
● बांग्ला नवजागरण का केन्द्रीय सारतत्व बुद्धिवाद है।
● हिन्दी नवजागरण का केन्द्रीय सारतत्व राष्ट्रवाद है (1857 का स्वधीनता संग्राम)।
● डॉ. शम्भुनाथ के अनुसार भारतीय नवजागरण के अनेक दुर्भाग्यों में से एक यह भी है कि इसे सौ वर्ष से ज्यादा न मिल सका, जबकि पश्चिमी देशों को तीन से चार सौ वर्ष मिले। वहाँ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सुधारवाद, आदर्शवाद आदि को पनपने का पूरा अवसर मिला।