Correct Answer:
Option D - संस्कृत से हिंदी में प्रयुक्त मूल शब्द से वर्तमान स्थायी तद््भव रूप तक पहुँचने के मध्य में संस्कृत के अशुद्ध या टूटे-फूटे स्वरूप में प्रयुक्त होने वाले शब्द ‘अर्द्ध तत्सम’ शब्द कहलाते हैं। जैसे–अग्या, मुँह आदि।
D. संस्कृत से हिंदी में प्रयुक्त मूल शब्द से वर्तमान स्थायी तद््भव रूप तक पहुँचने के मध्य में संस्कृत के अशुद्ध या टूटे-फूटे स्वरूप में प्रयुक्त होने वाले शब्द ‘अर्द्ध तत्सम’ शब्द कहलाते हैं। जैसे–अग्या, मुँह आदि।