Correct Answer:
Option D - तरूण पत्तियाँ मार्सीलिया, फर्न एवं साइकस में कुण्डलित होती है। मार्सीलिया की लगभग 65 जातियाँ पायी जाती हैं। यह जलीय फर्न फेमिली मार्सीलिएसी के अन्तर्गत आती हैं
• फ्यूनेरिया की 117 जातियाँ ज्ञात हैं जिनमें से 15 भारत में मिलती हैं। यह नम दिवारों, पेड़ के तनों या जमीन पर गुच्छों के रूप में पायी जाती हैं। जली हुई जमीन पर इसका वृद्धि बहुत तीव्र गति से होती है। फ्यूनेरिया हाइग्रोमेटिका, फ्यूनेरिया फेसीकुलेरिस तथा फ्यूनेरिया आब्ट्यूस आदि में सामान्य रूप से मिलती हैं। इसकी कुछ जातियाँ नैनीताल, मसूरी व मैदानी भागों में भी पायी जाती हैं।
• साइकस एक सदाबहार ताड़ जैसा पौधा है, जो विश्व के अधिकांश भागों में मिलता है भारत में इसकी 6 जातियाँ मिलती हैं जो प्राकृतिक रूप से उड़ीसा, पूर्वी बंगाल, आसाम, मद्रास, कर्नाटक, अण्डमान-निकोबार आदि स्थानों में पायी जाती हैं। साइकस रिवोल्यूटा, साइकस सिर्सिनेलिस साइकस रम्फाई आदि की प्रमुख स्पीशीज है। साइकस रिवोल्यूटा को शोभाकारी या सजावटी पौधों के रूप में जापान में उगाया जाता है।
D. तरूण पत्तियाँ मार्सीलिया, फर्न एवं साइकस में कुण्डलित होती है। मार्सीलिया की लगभग 65 जातियाँ पायी जाती हैं। यह जलीय फर्न फेमिली मार्सीलिएसी के अन्तर्गत आती हैं
• फ्यूनेरिया की 117 जातियाँ ज्ञात हैं जिनमें से 15 भारत में मिलती हैं। यह नम दिवारों, पेड़ के तनों या जमीन पर गुच्छों के रूप में पायी जाती हैं। जली हुई जमीन पर इसका वृद्धि बहुत तीव्र गति से होती है। फ्यूनेरिया हाइग्रोमेटिका, फ्यूनेरिया फेसीकुलेरिस तथा फ्यूनेरिया आब्ट्यूस आदि में सामान्य रूप से मिलती हैं। इसकी कुछ जातियाँ नैनीताल, मसूरी व मैदानी भागों में भी पायी जाती हैं।
• साइकस एक सदाबहार ताड़ जैसा पौधा है, जो विश्व के अधिकांश भागों में मिलता है भारत में इसकी 6 जातियाँ मिलती हैं जो प्राकृतिक रूप से उड़ीसा, पूर्वी बंगाल, आसाम, मद्रास, कर्नाटक, अण्डमान-निकोबार आदि स्थानों में पायी जाती हैं। साइकस रिवोल्यूटा, साइकस सिर्सिनेलिस साइकस रम्फाई आदि की प्रमुख स्पीशीज है। साइकस रिवोल्यूटा को शोभाकारी या सजावटी पौधों के रूप में जापान में उगाया जाता है।