search
Q: ‘यदि यथा वदत्यधिपस्तथात्वम् .......... पतिकुले तव दास्यमपि क्षमम्। इति कस्य काव्यांश:?
  • A. राजानक-रुय्यकस्य
  • B. पण्डितराज-जगन्नाथस्य
  • C. महाकवे: कालिदासस्य
  • D. उत्तररामचरितकारस्य
Correct Answer: Option C - ‘यदि यथा वदत्यधिपस्तथात्वम् .......... पतिकुले तव दास्यमपि क्षमम्।’ यह पद्यांश महाकवि कालिदास से सम्बन्धित है। इसका वर्णन अभिज्ञान शाकुन्तलम् में प्राप्त होता है।
C. ‘यदि यथा वदत्यधिपस्तथात्वम् .......... पतिकुले तव दास्यमपि क्षमम्।’ यह पद्यांश महाकवि कालिदास से सम्बन्धित है। इसका वर्णन अभिज्ञान शाकुन्तलम् में प्राप्त होता है।

Explanations:

‘यदि यथा वदत्यधिपस्तथात्वम् .......... पतिकुले तव दास्यमपि क्षमम्।’ यह पद्यांश महाकवि कालिदास से सम्बन्धित है। इसका वर्णन अभिज्ञान शाकुन्तलम् में प्राप्त होता है।