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Q: यदि ओजोन की परत पतली हो जाए, तो उसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
  • A. पुनर्वितरण की वजह से ओजोन छिद्र बंद हो जाएगा
  • B. त्वचा के कैंसर के मामले बढेंगे
  • C. धरती का तापमान बढ़ेगा
  • D. सतह ओ़जोन की मात्रा बढ़ेगी
Correct Answer: Option B - ओजोन कवच न हो तो परिणाम मनुष्य के लिए घातक होंगे। पराबैंगनी-बी विकिरण जीवित पदार्थों के क्षय में सक्षम है और मानव चमड़ी पर इसके आधिक्य से कैंसर हो सकता है। अत: यदि मनुष्य धूप का आनंद लेते रहना चाहता है तो ओजोन परत को बचाए रखना अत्यन्त आवश्यक है।
B. ओजोन कवच न हो तो परिणाम मनुष्य के लिए घातक होंगे। पराबैंगनी-बी विकिरण जीवित पदार्थों के क्षय में सक्षम है और मानव चमड़ी पर इसके आधिक्य से कैंसर हो सकता है। अत: यदि मनुष्य धूप का आनंद लेते रहना चाहता है तो ओजोन परत को बचाए रखना अत्यन्त आवश्यक है।

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ओजोन कवच न हो तो परिणाम मनुष्य के लिए घातक होंगे। पराबैंगनी-बी विकिरण जीवित पदार्थों के क्षय में सक्षम है और मानव चमड़ी पर इसके आधिक्य से कैंसर हो सकता है। अत: यदि मनुष्य धूप का आनंद लेते रहना चाहता है तो ओजोन परत को बचाए रखना अत्यन्त आवश्यक है।