Correct Answer:
Option B - ओजोन कवच न हो तो परिणाम मनुष्य के लिए घातक होंगे। पराबैंगनी-बी विकिरण जीवित पदार्थों के क्षय में सक्षम है और मानव चमड़ी पर इसके आधिक्य से कैंसर हो सकता है। अत: यदि मनुष्य धूप का आनंद लेते रहना चाहता है तो ओजोन परत को बचाए रखना अत्यन्त आवश्यक है।
B. ओजोन कवच न हो तो परिणाम मनुष्य के लिए घातक होंगे। पराबैंगनी-बी विकिरण जीवित पदार्थों के क्षय में सक्षम है और मानव चमड़ी पर इसके आधिक्य से कैंसर हो सकता है। अत: यदि मनुष्य धूप का आनंद लेते रहना चाहता है तो ओजोन परत को बचाए रखना अत्यन्त आवश्यक है।