Correct Answer:
Option C - यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयात् विमुच्यते। अर्थात् जब मानव आत्मा और परमात्मा का साक्षात्कार करता है, तब वह दु:खत्रय (आधिभौतिक आध्यात्मिक और आधिदैविक) से मुक्त हो जाता है। यदा मानव इंद्रियाणि नियम्य आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयाद्विमुच्य पूर्णानन्दावस्थायां वर्तमानो मोक्षं प्राप्नोति।
C. यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयात् विमुच्यते। अर्थात् जब मानव आत्मा और परमात्मा का साक्षात्कार करता है, तब वह दु:खत्रय (आधिभौतिक आध्यात्मिक और आधिदैविक) से मुक्त हो जाता है। यदा मानव इंद्रियाणि नियम्य आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयाद्विमुच्य पूर्णानन्दावस्थायां वर्तमानो मोक्षं प्राप्नोति।