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Q: यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स कस्माद् विमुच्यते।
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  • A. रोगात्
  • B. जन्ममरणात्
  • C. दु:खत्रयात्
  • D. संसारात्
Correct Answer: Option C - यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयात् विमुच्यते। अर्थात् जब मानव आत्मा और परमात्मा का साक्षात्कार करता है, तब वह दु:खत्रय (आधिभौतिक आध्यात्मिक और आधिदैविक) से मुक्त हो जाता है। यदा मानव इंद्रियाणि नियम्य आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयाद्विमुच्य पूर्णानन्दावस्थायां वर्तमानो मोक्षं प्राप्नोति।
C. यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयात् विमुच्यते। अर्थात् जब मानव आत्मा और परमात्मा का साक्षात्कार करता है, तब वह दु:खत्रय (आधिभौतिक आध्यात्मिक और आधिदैविक) से मुक्त हो जाता है। यदा मानव इंद्रियाणि नियम्य आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयाद्विमुच्य पूर्णानन्दावस्थायां वर्तमानो मोक्षं प्राप्नोति।

Explanations:

यदा मानव आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयात् विमुच्यते। अर्थात् जब मानव आत्मा और परमात्मा का साक्षात्कार करता है, तब वह दु:खत्रय (आधिभौतिक आध्यात्मिक और आधिदैविक) से मुक्त हो जाता है। यदा मानव इंद्रियाणि नियम्य आत्मन: परमात्मनश्च साक्षात्करोति तदा स दु:खत्रयाद्विमुच्य पूर्णानन्दावस्थायां वर्तमानो मोक्षं प्राप्नोति।