Correct Answer:
Option D - अध्ययन में चित्तवृत्ति का तात्पर्य अध्ययन में रुचि न लेना है। अगर किसी छात्र द्वारा इस तरह की प्रवृति अपनाई जाती है तो शिक्षक को अपने विषय वस्तु से सम्बंधित उनकी रुचि के अनुसार शिक्षण करना चाहिए। शिक्षण कार्य को मनोरंजक एवं रुचिकर बनाने के लिए शिक्षण सहायक सामग्री का भी प्रयोग किया जाता है।
D. अध्ययन में चित्तवृत्ति का तात्पर्य अध्ययन में रुचि न लेना है। अगर किसी छात्र द्वारा इस तरह की प्रवृति अपनाई जाती है तो शिक्षक को अपने विषय वस्तु से सम्बंधित उनकी रुचि के अनुसार शिक्षण करना चाहिए। शिक्षण कार्य को मनोरंजक एवं रुचिकर बनाने के लिए शिक्षण सहायक सामग्री का भी प्रयोग किया जाता है।