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Q: यदि भारतीय रिजर्व बैंक नकद रिजर्व अनुपात कम करता है तो क्या परिणाम होगा?
  • A. ऋण सृजन बढ़ेगा
  • B. ऋण सृजन घटेगा
  • C. ऋण सृजन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
  • D. ऋण सृजन पर कोई निश्चित प्रभाव नहीं पड़ेगा
Correct Answer: Option A - नकद रिजर्व अनुपात सभी बैंको के लिए जरूरी होता है कि वह अपने कुल नकद रिजर्व का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास जमा रखे। ऐसा इसलिए होता है कि अगर किसी भी अवधि पर एक साथ बहुत बड़ी संख्या में जमाकर्ता अपना पैसा निकालने आए तो बैंक डिफाल्ट न कर सके। यदि रिजर्व बैंक CRR अनुपात कम करती है तो ऋण सृजन बढ़ जाएगा।
A. नकद रिजर्व अनुपात सभी बैंको के लिए जरूरी होता है कि वह अपने कुल नकद रिजर्व का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास जमा रखे। ऐसा इसलिए होता है कि अगर किसी भी अवधि पर एक साथ बहुत बड़ी संख्या में जमाकर्ता अपना पैसा निकालने आए तो बैंक डिफाल्ट न कर सके। यदि रिजर्व बैंक CRR अनुपात कम करती है तो ऋण सृजन बढ़ जाएगा।

Explanations:

नकद रिजर्व अनुपात सभी बैंको के लिए जरूरी होता है कि वह अपने कुल नकद रिजर्व का एक निश्चित हिस्सा रिजर्व बैंक के पास जमा रखे। ऐसा इसलिए होता है कि अगर किसी भी अवधि पर एक साथ बहुत बड़ी संख्या में जमाकर्ता अपना पैसा निकालने आए तो बैंक डिफाल्ट न कर सके। यदि रिजर्व बैंक CRR अनुपात कम करती है तो ऋण सृजन बढ़ जाएगा।