search
Q: ‘यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर:’ श्लोकांश श्रीमद्भभगवद्गीता के किस अध्याय से सम्बद्ध है?
  • A. द्वितीय
  • B. पञ्चम
  • C. षोडश
  • D. अष्टादश
Correct Answer: Option D - प्रस्तुत श्लोक श्रीमद्भभगवद्गीता के अट्ठारहवें अध्याय के 78वें श्लोक का अंश है- यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर:। यत्र श्रीर्विजयो भूतिर्धुवा नीतिर्मतिर्मम्।।78।। अर्थात् जहाँ योगेश्वर भगवान् श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीव-धनुषधारी अर्जुन हैं वहीं पर श्री विजय, विभूति और अचल नीति है-ऐसा मेरा मत है।
D. प्रस्तुत श्लोक श्रीमद्भभगवद्गीता के अट्ठारहवें अध्याय के 78वें श्लोक का अंश है- यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर:। यत्र श्रीर्विजयो भूतिर्धुवा नीतिर्मतिर्मम्।।78।। अर्थात् जहाँ योगेश्वर भगवान् श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीव-धनुषधारी अर्जुन हैं वहीं पर श्री विजय, विभूति और अचल नीति है-ऐसा मेरा मत है।

Explanations:

प्रस्तुत श्लोक श्रीमद्भभगवद्गीता के अट्ठारहवें अध्याय के 78वें श्लोक का अंश है- यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर:। यत्र श्रीर्विजयो भूतिर्धुवा नीतिर्मतिर्मम्।।78।। अर्थात् जहाँ योगेश्वर भगवान् श्रीकृष्ण हैं और जहाँ गाण्डीव-धनुषधारी अर्जुन हैं वहीं पर श्री विजय, विभूति और अचल नीति है-ऐसा मेरा मत है।