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Q: `येनाङ्गविकार:' सूत्र है –
  • A. करण कारक का
  • B. कर्म कारक का
  • C. सम्प्रदान कारक का
  • D. अपादान कारक का
Correct Answer: Option A - येनाङ्गविकार: सूत्रानुसार जिस अङ्ग के विकार युक्त होने पर व्यक्ति के सम्पूर्ण शरीर का विकार बतलाया जाए उस अङ्गवाचक शब्द से तृतीया विभक्ति होती है। उदाहरण - अक्ष्णा काण: (एक आँख से काना)
A. येनाङ्गविकार: सूत्रानुसार जिस अङ्ग के विकार युक्त होने पर व्यक्ति के सम्पूर्ण शरीर का विकार बतलाया जाए उस अङ्गवाचक शब्द से तृतीया विभक्ति होती है। उदाहरण - अक्ष्णा काण: (एक आँख से काना)

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येनाङ्गविकार: सूत्रानुसार जिस अङ्ग के विकार युक्त होने पर व्यक्ति के सम्पूर्ण शरीर का विकार बतलाया जाए उस अङ्गवाचक शब्द से तृतीया विभक्ति होती है। उदाहरण - अक्ष्णा काण: (एक आँख से काना)