Correct Answer:
Option B - यजुर्वेद का सम्बन्ध यज्ञ के अनुष्ठानों तथा मंत्रों के संग्रह से है। चार वेदों-ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद तथा अथर्ववेद में यजुर्वेद तीसरा वेद है। यजुर्वेद की दो शाखाएँ हैं-कृष्ण यजुर्वेद तथा शुक्ल यजुर्वेद।
B. यजुर्वेद का सम्बन्ध यज्ञ के अनुष्ठानों तथा मंत्रों के संग्रह से है। चार वेदों-ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद तथा अथर्ववेद में यजुर्वेद तीसरा वेद है। यजुर्वेद की दो शाखाएँ हैं-कृष्ण यजुर्वेद तथा शुक्ल यजुर्वेद।