Correct Answer:
Option C - मुझे पदार्थ दो और मैं इससे पूरी दुनिया का निर्माण कर दूँगा’’। यह कथन इमैनुएल काण्ट का है। काण्ट एक जर्मन दार्शनिक थे। पृथ्वी की उत्पत्ति के सम्बन्ध में काण्ट महोदय ने 1755 ई. में अपनी ‘वायव्य राशि परिकल्पना’ का प्रतिपादन किया जो न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियमों पर आधारित थी। लाप्लास ने निहारिका परिकल्पना, चैम्बरलिन ने ग्रहाणु परिकल्पना तथा जेम्स जीन एवं जेफरीज ने ज्वारीय परिकल्पना का प्रतिपादन किया था।
C. मुझे पदार्थ दो और मैं इससे पूरी दुनिया का निर्माण कर दूँगा’’। यह कथन इमैनुएल काण्ट का है। काण्ट एक जर्मन दार्शनिक थे। पृथ्वी की उत्पत्ति के सम्बन्ध में काण्ट महोदय ने 1755 ई. में अपनी ‘वायव्य राशि परिकल्पना’ का प्रतिपादन किया जो न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के नियमों पर आधारित थी। लाप्लास ने निहारिका परिकल्पना, चैम्बरलिन ने ग्रहाणु परिकल्पना तथा जेम्स जीन एवं जेफरीज ने ज्वारीय परिकल्पना का प्रतिपादन किया था।