Correct Answer:
Option D - योेगदर्शनस्य प्रथमो भाष्यकार: महर्षिव्यास: अस्ति। अर्थात् योगदर्शन के प्रथम भाष्यकार महर्षिव्यास है। महर्षि पतञ्जलि ने योगसूत्र लिखे हैं तथा महर्षि व्यास ने उस पर भाष्य किये हैं। यास्क ने निरुक्त ग्रन्थ का प्रणयन किये हैं कात्यायन ने व्याकरण पर वार्तिक तथा शङ्कराचार्य ने ब्रह्मसूत्र पर भाष्य किये हैं।
D. योेगदर्शनस्य प्रथमो भाष्यकार: महर्षिव्यास: अस्ति। अर्थात् योगदर्शन के प्रथम भाष्यकार महर्षिव्यास है। महर्षि पतञ्जलि ने योगसूत्र लिखे हैं तथा महर्षि व्यास ने उस पर भाष्य किये हैं। यास्क ने निरुक्त ग्रन्थ का प्रणयन किये हैं कात्यायन ने व्याकरण पर वार्तिक तथा शङ्कराचार्य ने ब्रह्मसूत्र पर भाष्य किये हैं।