Correct Answer:
Option D - प्रारम्भिक बचपन के दौरान संज्ञानात्मक प्रगति के सन्दर्भ में,प्रगति के महत्व में सही कथन है-
* कारण और प्रभाव की समझ:- इसमें बच्चेें समझते है कि घटनाओं के कारण होते है। आर्थत् जो प्रक्रिया प्रावस्था उत्पन्न होती है उसे ‘प्रभाव’कहते है तथा प्रभाव को उत्पन्न करने वाली प्रक्रिया /प्रावस्था को ‘कारण’ कहा जाता है। ध्यातव्य है कि कारण, प्रभाव को उत्पन्न करने के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार है, तथा प्रभाव आंशिक रूप से कारण पर निर्भर होता है।
तथा सहानुभूति- के अन्तर्गत बच्चे मात्राओं को गिन सकते है और उनसे निपट सकते है, यह कथन अनुचित कथन है, क्योंकि सहानुभूति का अर्थ तो यह है कि कोई दूसरा हमारे दुखों के प्रति समान अनुभूति प्रकट करे, तो कहा जायेगा यहाँ सहानुभूति प्रकट हो रही है। इस प्रकार स्पष्ट है, कि यहाँ पर कथन I सही व कथन II गलत कथन है।
D. प्रारम्भिक बचपन के दौरान संज्ञानात्मक प्रगति के सन्दर्भ में,प्रगति के महत्व में सही कथन है-
* कारण और प्रभाव की समझ:- इसमें बच्चेें समझते है कि घटनाओं के कारण होते है। आर्थत् जो प्रक्रिया प्रावस्था उत्पन्न होती है उसे ‘प्रभाव’कहते है तथा प्रभाव को उत्पन्न करने वाली प्रक्रिया /प्रावस्था को ‘कारण’ कहा जाता है। ध्यातव्य है कि कारण, प्रभाव को उत्पन्न करने के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार है, तथा प्रभाव आंशिक रूप से कारण पर निर्भर होता है।
तथा सहानुभूति- के अन्तर्गत बच्चे मात्राओं को गिन सकते है और उनसे निपट सकते है, यह कथन अनुचित कथन है, क्योंकि सहानुभूति का अर्थ तो यह है कि कोई दूसरा हमारे दुखों के प्रति समान अनुभूति प्रकट करे, तो कहा जायेगा यहाँ सहानुभूति प्रकट हो रही है। इस प्रकार स्पष्ट है, कि यहाँ पर कथन I सही व कथन II गलत कथन है।