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Q: Why is weightlessness experienced while orbiting the earth in space ships? जब अन्तरिक्ष यान से पृथ्वी का परिक्रमण किया जाता है तो भारहीनता क्यों महसूस की जाती है?
  • A. Inertia/गतिहीनता/जड़त्व
  • B. Acceleration/त्वरण
  • C. Zero gravity/शून्य गुरूत्वाकर्षण
  • D. Orbital motion/कक्षीय गति
Correct Answer: Option C - जब कोई अन्तरिक्षयान अन्तरिक्ष में अपनी कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है, तो उसकी गति से उत्पन्न हुआ अपकेन्द्री बल पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण खिंचाव को प्रतिसंतुलित करता है। दो विपरीत बलों के प्रतिसंतुलन होने से अन्तरिक्ष यान पर गुरूत्वाकर्षण शून्य हो जाता है। इसी कारण अन्तरिक्ष यान में बैठे यात्री भारहीनता महसूस करते हैं।
C. जब कोई अन्तरिक्षयान अन्तरिक्ष में अपनी कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है, तो उसकी गति से उत्पन्न हुआ अपकेन्द्री बल पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण खिंचाव को प्रतिसंतुलित करता है। दो विपरीत बलों के प्रतिसंतुलन होने से अन्तरिक्ष यान पर गुरूत्वाकर्षण शून्य हो जाता है। इसी कारण अन्तरिक्ष यान में बैठे यात्री भारहीनता महसूस करते हैं।

Explanations:

जब कोई अन्तरिक्षयान अन्तरिक्ष में अपनी कक्षा में पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा होता है, तो उसकी गति से उत्पन्न हुआ अपकेन्द्री बल पृथ्वी के गुरूत्वाकर्षण खिंचाव को प्रतिसंतुलित करता है। दो विपरीत बलों के प्रतिसंतुलन होने से अन्तरिक्ष यान पर गुरूत्वाकर्षण शून्य हो जाता है। इसी कारण अन्तरिक्ष यान में बैठे यात्री भारहीनता महसूस करते हैं।