Correct Answer:
Option B - द बर्डन ऑफ डेमोक्रेसी’ (2003) नामक पुस्तक के लेखक प्रताप भानु मेहता है। इस पुस्तक में उन्होंने ने बताया कि बड़े पैमाने पर अशिक्षित और संपत्तिहीन भारत में लोकतंत्र लाना कितना साहसिक प्रयोग था। उनका तर्क है कि राजनीति के क्षेत्र ने वास्तव में लोगों के लिए समाज में भाग लेने के अवसर पैदा किए हैं। विभिन्न तथ्यों को देखते हुए, उन्होंने यह भी पाया कि एक ओर लगातार सामाजिक असमानता और दूसरी ओर राज्य के उचित कार्य और संगठन के गलत दृष्टिकोण ने लोकतंत्र के कामकाज और उसके प्रभावों को असंख्य तरीकों से संशोधित और बाधित किया है।
B. द बर्डन ऑफ डेमोक्रेसी’ (2003) नामक पुस्तक के लेखक प्रताप भानु मेहता है। इस पुस्तक में उन्होंने ने बताया कि बड़े पैमाने पर अशिक्षित और संपत्तिहीन भारत में लोकतंत्र लाना कितना साहसिक प्रयोग था। उनका तर्क है कि राजनीति के क्षेत्र ने वास्तव में लोगों के लिए समाज में भाग लेने के अवसर पैदा किए हैं। विभिन्न तथ्यों को देखते हुए, उन्होंने यह भी पाया कि एक ओर लगातार सामाजिक असमानता और दूसरी ओर राज्य के उचित कार्य और संगठन के गलत दृष्टिकोण ने लोकतंत्र के कामकाज और उसके प्रभावों को असंख्य तरीकों से संशोधित और बाधित किया है।