Correct Answer:
Option C - बंगाल में प्रारम्भ हुए सुधार आन्दोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय ने किया। इन्हें नवजागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलनों का प्रवर्तक, आधुनिक भारत का पिता एवं नवप्रभात का तारा कहा जाता है। इनका पहला ग्रन्थ फारसी भाषा में ‘तोहफत-उल-मुहदीन’ (एकेश्वरवादियों को उपहार) अ गिफ्ट टू मोनोथिस्टस 1809 ई. में प्रकाशित हुआ जिसमें इन्होंने मूर्तिपूजा का विरोध किया और एकेश्वरवाद को सभी धर्मों का मूल बताया।
C. बंगाल में प्रारम्भ हुए सुधार आन्दोलन का नेतृत्व राजा राममोहन राय ने किया। इन्हें नवजागरण का अग्रदूत, सुधार आन्दोलनों का प्रवर्तक, आधुनिक भारत का पिता एवं नवप्रभात का तारा कहा जाता है। इनका पहला ग्रन्थ फारसी भाषा में ‘तोहफत-उल-मुहदीन’ (एकेश्वरवादियों को उपहार) अ गिफ्ट टू मोनोथिस्टस 1809 ई. में प्रकाशित हुआ जिसमें इन्होंने मूर्तिपूजा का विरोध किया और एकेश्वरवाद को सभी धर्मों का मूल बताया।