Correct Answer:
Option B - बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना का वास्तविक श्रेय इब्ने बख्तियार खिलजी को जाता है। वह बनारस तथा अवध क्षेत्र के सेनापति मलिक हुसामुद्दीन का सहायक था। उसने 12वीं -13वीं शताब्दी में बिहार में कर्मनासा नदी के पूर्वी ओर सैनिक अभियान किया। उस समय वहाँ पर सेन वंश शासक लक्ष्मणसेन था और पाल की पहली महत्वपूर्ण सफलता ओदन्तपुरी (बिहार शरीफ) की विजय थी जो 1198 ई. में सम्पन्न हुई। बख्तियार खिलजी ने ऐबक की सम्प्रभुता औपचारिक रूप से स्वीकार की, मगर व्यवहार में वह अपने विजित क्षेत्रों का शासक बना रहा। उसने अपनी राजधानी लखनौती को बनाया था।
B. बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना का वास्तविक श्रेय इब्ने बख्तियार खिलजी को जाता है। वह बनारस तथा अवध क्षेत्र के सेनापति मलिक हुसामुद्दीन का सहायक था। उसने 12वीं -13वीं शताब्दी में बिहार में कर्मनासा नदी के पूर्वी ओर सैनिक अभियान किया। उस समय वहाँ पर सेन वंश शासक लक्ष्मणसेन था और पाल की पहली महत्वपूर्ण सफलता ओदन्तपुरी (बिहार शरीफ) की विजय थी जो 1198 ई. में सम्पन्न हुई। बख्तियार खिलजी ने ऐबक की सम्प्रभुता औपचारिक रूप से स्वीकार की, मगर व्यवहार में वह अपने विजित क्षेत्रों का शासक बना रहा। उसने अपनी राजधानी लखनौती को बनाया था।