Correct Answer:
Option B - बी.पट्टाभि सीतारमैया भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी और पत्रकार थे। इन्होंने दक्षिण भारत में स्वतंत्रता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रमुख सहयोगीयों में से एक थे। जब सन् 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष के निर्वाचन में पट्टाभि सितारमैया सुभाषचन्द्र बोस से पराजित हो गए तब महात्मा गांधी ने उनकी हार को अपनी हार कहा था आजादी के बाद वे मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। ये एक लेखक के तौर पर भी जाने जाते थे। इन्होनें ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास लिखा।
B. बी.पट्टाभि सीतारमैया भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी और पत्रकार थे। इन्होंने दक्षिण भारत में स्वतंत्रता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रमुख सहयोगीयों में से एक थे। जब सन् 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष के निर्वाचन में पट्टाभि सितारमैया सुभाषचन्द्र बोस से पराजित हो गए तब महात्मा गांधी ने उनकी हार को अपनी हार कहा था आजादी के बाद वे मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। ये एक लेखक के तौर पर भी जाने जाते थे। इन्होनें ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का इतिहास लिखा।