Correct Answer:
Option C - कैनेडी के सिल्ट सिद्धान्त के अनुसार पानी में घुलित सिल्ट केवल तली से जल के घर्षण के कारण उत्पन्न भँवर के कारण निलम्बित रहता है। अर्थात् जब पानी नहर में बहता है तो वह तली व साइडों से टकराता हुआ चलता है जिससे घर्षण होता है, जिसके कारण तली से भँवरे उत्पन्न हो जाती है, जो ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर उठती हुई पानी की सतह तक आती है। इन भँवरों के कारण ही पानी में सिल्ट व बालू निलम्बित रहता है, और पानी के साथ आगे को चलती है।
C. कैनेडी के सिल्ट सिद्धान्त के अनुसार पानी में घुलित सिल्ट केवल तली से जल के घर्षण के कारण उत्पन्न भँवर के कारण निलम्बित रहता है। अर्थात् जब पानी नहर में बहता है तो वह तली व साइडों से टकराता हुआ चलता है जिससे घर्षण होता है, जिसके कारण तली से भँवरे उत्पन्न हो जाती है, जो ऊर्ध्वाधर दिशा में ऊपर उठती हुई पानी की सतह तक आती है। इन भँवरों के कारण ही पानी में सिल्ट व बालू निलम्बित रहता है, और पानी के साथ आगे को चलती है।