Correct Answer:
Option B - बाल गंगाधर तिलक ने सर्वप्रथम विदेशी सामानों का बहिष्कार, स्वदेशी वस्तुओं के प्रति अनुराग, राष्ट्रीय ढंग की शिक्षा आदि उपायों के प्रयोग का परामर्श दिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि विदेशी शासन कितना ही अच्छा क्यों न हो, स्वशासन से कभी अच्छा नहीं हो सकता। वे स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को एक र्धािमक कर्तव्य समझते थे।
B. बाल गंगाधर तिलक ने सर्वप्रथम विदेशी सामानों का बहिष्कार, स्वदेशी वस्तुओं के प्रति अनुराग, राष्ट्रीय ढंग की शिक्षा आदि उपायों के प्रयोग का परामर्श दिया। उनका दृढ़ विश्वास था कि विदेशी शासन कितना ही अच्छा क्यों न हो, स्वशासन से कभी अच्छा नहीं हो सकता। वे स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को एक र्धािमक कर्तव्य समझते थे।