Correct Answer:
Option B - दीन-ए-इलाही एक धर्म है जो कि अकबर द्वारा 1582 में शुरू किया गया था। इस धर्म में सभी धर्मो की अच्छी बातों का समावेश किया गया था। इस धर्म के प्रचार के लिए उसने केवल अपने विश्वस्थ लोगों को ही इसमें शामिल किया विन्सेन्ट स्मिथ के अनुसार– ‘‘दीन-ए-इलाही अकबर की भूल का स्मारक था, बुद्धिमानी का नहीं’’
B. दीन-ए-इलाही एक धर्म है जो कि अकबर द्वारा 1582 में शुरू किया गया था। इस धर्म में सभी धर्मो की अच्छी बातों का समावेश किया गया था। इस धर्म के प्रचार के लिए उसने केवल अपने विश्वस्थ लोगों को ही इसमें शामिल किया विन्सेन्ट स्मिथ के अनुसार– ‘‘दीन-ए-इलाही अकबर की भूल का स्मारक था, बुद्धिमानी का नहीं’’