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Q: Who of the following was/were economic critic/ critics of colonialism in India?/निम्नलिखित में से कौन, भारत में उपनिवेशवाद का/के आर्थिक आलोचक था/थे? 1. Dadabhai Naoroji/दादाभाई नौरोजी 2. G. Subramaniam Iyer/जी. सुब्रमण्यम अय्यर 3. R. C. Dutt/आर.सी. दत्त Select the correct answer using the code given below. नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
  • A. 1 only/केवल 1
  • B. 1 and 2 only/केवल 1 और 2
  • C. 2 and 3 only/केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 and 3/1, 2 और 3
Correct Answer: Option D - दादाभाई नौरोजी आधुनिक भारत के प्रथम ऐसे राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने `पॉवर्टी एंड अन ब्रिटिश रूल इन इंडिया (1901)', `इंग्लैण्ड डेब्ट टू इंडिया', `द वान्ट्स एण्ड मीन्स ऑफ इंडिया' तथा `ऑन द कॉमर्स ऑफ इंडिया' इत्यादि लेखों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था का ब्रिटिश शासन द्वारा किये जा रहे दोषपूर्ण व घातक दोहन को उजागर व प्रमाणित किया। ‘द हिन्दू ’ के संस्थापक एवं संपादक जी. सुब्रमण्यम अय्यर ने भी अपने अखबार के माध्यम से उपनिवेशवाद का आर्थिक विश्लेषण किया था। ‘इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ नामक पुस्तक के लेखक आर.सी. दत्त एक प्रसिद्ध आर्थिक विशेषज्ञ थे और इन्होंने भी ब्रिटिश उपनिवेशवाद की आर्थिक आलोचना की थी। इनके अतिरिक्त जी.वी. जोशी, गोपाल कृष्ण गोखले, पृथ्वी चंद्र राय ने भी इसकी आलोचना की थी।
D. दादाभाई नौरोजी आधुनिक भारत के प्रथम ऐसे राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने `पॉवर्टी एंड अन ब्रिटिश रूल इन इंडिया (1901)', `इंग्लैण्ड डेब्ट टू इंडिया', `द वान्ट्स एण्ड मीन्स ऑफ इंडिया' तथा `ऑन द कॉमर्स ऑफ इंडिया' इत्यादि लेखों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था का ब्रिटिश शासन द्वारा किये जा रहे दोषपूर्ण व घातक दोहन को उजागर व प्रमाणित किया। ‘द हिन्दू ’ के संस्थापक एवं संपादक जी. सुब्रमण्यम अय्यर ने भी अपने अखबार के माध्यम से उपनिवेशवाद का आर्थिक विश्लेषण किया था। ‘इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ नामक पुस्तक के लेखक आर.सी. दत्त एक प्रसिद्ध आर्थिक विशेषज्ञ थे और इन्होंने भी ब्रिटिश उपनिवेशवाद की आर्थिक आलोचना की थी। इनके अतिरिक्त जी.वी. जोशी, गोपाल कृष्ण गोखले, पृथ्वी चंद्र राय ने भी इसकी आलोचना की थी।

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दादाभाई नौरोजी आधुनिक भारत के प्रथम ऐसे राष्ट्रवादी नेता थे जिन्होंने `पॉवर्टी एंड अन ब्रिटिश रूल इन इंडिया (1901)', `इंग्लैण्ड डेब्ट टू इंडिया', `द वान्ट्स एण्ड मीन्स ऑफ इंडिया' तथा `ऑन द कॉमर्स ऑफ इंडिया' इत्यादि लेखों के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था का ब्रिटिश शासन द्वारा किये जा रहे दोषपूर्ण व घातक दोहन को उजागर व प्रमाणित किया। ‘द हिन्दू ’ के संस्थापक एवं संपादक जी. सुब्रमण्यम अय्यर ने भी अपने अखबार के माध्यम से उपनिवेशवाद का आर्थिक विश्लेषण किया था। ‘इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया’ नामक पुस्तक के लेखक आर.सी. दत्त एक प्रसिद्ध आर्थिक विशेषज्ञ थे और इन्होंने भी ब्रिटिश उपनिवेशवाद की आर्थिक आलोचना की थी। इनके अतिरिक्त जी.वी. जोशी, गोपाल कृष्ण गोखले, पृथ्वी चंद्र राय ने भी इसकी आलोचना की थी।