Explanations:
चन्द्रगुप्त द्वितीय को विक्रमांक या विक्रमादित्य कहा जाता है। इसके माता का नाम दत्तदेवी था। इसका काल गुप्तकाल का स्वर्णयुग माना जाता है। वाकाटकों का सहयोग प्राप्त करने के लिए चन्द्रगुप्त ने अपनी पुत्री प्रभावती गुप्ता का विवाह वाकाटक नरेश रुद्रसेन द्वितीय के साथ कर दिया। वाकाटकों तथा गुप्तों की सम्मिलित शक्ति ने शकों का उन्मूलन कर डाला। ध्यातव्य है कि वाकाटक लोग आधुनिक महाराष्ट्र प्रान्त में शासन करते थे।