Correct Answer:
Option D - जवाहर लाल नेहरू धर्मनिरपेक्षतावादी थे। उनके अनुसार, धर्मनिरपेक्षता का तात्पर्य-धर्म के विरूद्ध होना नहीं है बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक व अन्त:करण की स्वतंत्रता हो तथा राज्य का अपना कोई धर्म न हो बल्कि राज्य सभी धर्मों को समान संरक्षण प्रदान करता है।
D. जवाहर लाल नेहरू धर्मनिरपेक्षतावादी थे। उनके अनुसार, धर्मनिरपेक्षता का तात्पर्य-धर्म के विरूद्ध होना नहीं है बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को धार्मिक व अन्त:करण की स्वतंत्रता हो तथा राज्य का अपना कोई धर्म न हो बल्कि राज्य सभी धर्मों को समान संरक्षण प्रदान करता है।