Correct Answer:
Option A - 1829 में अंग्रेजों के विरुद्ध खासी जनजाति, विद्रोह का नेतृत्व तीरोत सिंह/तीरथ सिंह ने किया था। मेघालय के जयन्तिया और गारो पहाड़ियों के बीच खासी लोग निवास करते थे। 1824 में ब्रम्हपुत्र नदी घाटी क्षेत्र पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया और इस क्षेत्र को सिलहट से जोड़ने के लिए एक सड़क बनाने की योजना बनाई गयी। इसी सड़क के विरोध में तीरथ सिंह ने 1829 ई में अपने 10 हजार साथियों के साथ विद्रोह कर दिया था।
• सिद्धू और कान्हू संथाल विद्रोह (1855-1856 ई ) से सम्बन्धित है।
• करमशाह, पागलपंथी विद्रोह (1813-1831 ई ) से सम्बन्धित है जबकि इसके प्रमुख नेता टीपू मीर थे।
• बिरसा मुण्डा, मुण्डा विद्रोह या उलगुलान विद्रोह (1895-1900 ई ) से सम्बन्धित है।
A. 1829 में अंग्रेजों के विरुद्ध खासी जनजाति, विद्रोह का नेतृत्व तीरोत सिंह/तीरथ सिंह ने किया था। मेघालय के जयन्तिया और गारो पहाड़ियों के बीच खासी लोग निवास करते थे। 1824 में ब्रम्हपुत्र नदी घाटी क्षेत्र पर अंग्रेजों का अधिकार हो गया और इस क्षेत्र को सिलहट से जोड़ने के लिए एक सड़क बनाने की योजना बनाई गयी। इसी सड़क के विरोध में तीरथ सिंह ने 1829 ई में अपने 10 हजार साथियों के साथ विद्रोह कर दिया था।
• सिद्धू और कान्हू संथाल विद्रोह (1855-1856 ई ) से सम्बन्धित है।
• करमशाह, पागलपंथी विद्रोह (1813-1831 ई ) से सम्बन्धित है जबकि इसके प्रमुख नेता टीपू मीर थे।
• बिरसा मुण्डा, मुण्डा विद्रोह या उलगुलान विद्रोह (1895-1900 ई ) से सम्बन्धित है।